नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक, कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG 2026) के पहले दिन ही देशभर के छात्रों को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। ऑनलाइन पेपर अपलोड न हो पाने के कारण शनिवार सुबह की पारी की परीक्षा लगभग सवा दो घंटे की देरी से शुरू हुई, जिससे हजारों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों में आक्रोश फैल गया।
CUET-UG परीक्षा में देरी का मुख्य कारण: NTA ने TCS को ठहराया जिम्मेदार
देशभर के परीक्षा केंद्रों पर हुई इस व्यापक देरी पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने तत्काल स्पष्टीकरण जारी किया। NTA ने बताया कि परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही एजेंसी मेसर्स टीसीएस (TCS) की तकनीकी खराबी इस बड़ी परेशानी का कारण बनी। सर्वर में दिक्कत आने के कारण सेंटर्स पर ऑनलाइन प्रश्न पत्र समय से अपलोड नहीं हो पाए। यह समस्या जयपुर सहित देश के कई प्रमुख परीक्षा केंद्रों पर देखी गई, जहाँ छात्रों और अभिभावकों को पुख्ता जानकारी के अभाव में घंटों इंतजार करना पड़ा।
छात्रों और अभिभावकों की परेशानी
- लंबा इंतजार: सुबह 9:00 बजे से शुरू होने वाली पहली पारी के लिए छात्रों को सुबह 8:00 बजे ही परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश दे दिया गया था। हालांकि, तकनीकी खामी के चलते सुबह 11:23 बजे तक भी कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रश्न पत्र नहीं खुला।
- जानकारी का अभाव: 3 घंटे से अधिक समय तक बिना किसी सही जानकारी के कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठे रहने से अभ्यर्थियों में घबराहट और अभिभावकों में खासा आक्रोश देखा गया।
- परीक्षा प्रबंधन पर सवाल: अभिभावकों ने परीक्षा प्रबंधन पर सवाल उठाए, उनका कहना था कि छात्रों से समय पर पहुंचने और नियमों का पालन करने की उम्मीद की जाती है, लेकिन तकनीकी तैयारियों में कमी का खामियाजा अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ता है।
- जयपुर में भी दिक्कत: जयपुर के दादी का फाटक स्थित श्री बालाजी इंजीनियरिंग कॉलेज और श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जैसे केंद्रों पर भी छात्रों को ऐसी ही परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दूसरी पारी पर भी पड़ा असर
पहली पारी में हुई भारी देरी का सीधा असर दूसरी पारी की परीक्षा पर भी पड़ा। NTA को आनन-फानन में दूसरी पारी के समय में संशोधन करना पड़ा, जिससे आगे के शेड्यूल पर भी अनिश्चितता बनी।
NTA का आधिकारिक बयान और आश्वासन
बढ़ते हंगामे को देखते हुए NTA ने कैंडिडेट्स और अभिभावकों को हुई भारी असुविधा के लिए आधिकारिक तौर पर खेद जताया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि सुबह की पारी के कैंडिडेट्स को इस तकनीकी देरी के कारण किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए तय किया गया पूरा समय दिया जाएगा। NTA ने भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए उचित कदम उठाने का भी आश्वासन दिया है।
CUET-UG देश की सबसे बड़ी स्नातक प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसके माध्यम से केंद्रीय विश्वविद्यालयों सहित कई उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश दिया जाता है। इस घटना ने परीक्षा आयोजकों के लिए तकनीकी बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है, ताकि छात्रों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।