एसआई भर्ती 2021 री-एग्जाम: अब सिर्फ एक दिन में, पेपर लीक रोकने के लिए 8 बड़े बदलाव!

राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पेपर लीक के कारण चर्चा में रही एसआई भर्ती 2021 की पुनः परीक्षा (री-एग्जाम) अब सिर्फ एक दिन में आयोजित की जाएगी। यह निर्णय परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों की संख्या में कमी को देखते हुए लिया गया है। पहले यह परीक्षा तीन दिनों तक चली थी, लेकिन अब लगभग 1.53 लाख अभ्यर्थी ही इसमें रुचि दिखा रहे हैं। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने इस री-एग्जाम की प्रस्तावित तिथि 20 सितंबर 2026 घोषित की है, हालांकि इसके लिए आधिकारिक आदेश अभी जारी नहीं हुआ है।

एसआई भर्ती 2021 री-एग्जाम: मुख्य अपडेट्स

वर्ष 2021 में एसआई भर्ती के लिए कुल 7.97 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 3.83 लाख से अधिक अभ्यर्थी पिछली परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा रद्द होने के बाद, RPSC ने केवल उन्हीं उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा में बैठने का अवसर दिया, जो पहले शामिल हुए थे। इन 3.83 लाख उम्मीदवारों को अपने पूर्व-भरे आवेदन पत्रों में सुधार और अपडेट करने का मौका दिया गया था (16 से 30 मई 2026 तक)। इस प्रक्रिया में मोबाइल नंबर, ईमेल एड्रेस और घर का पता जैसी जानकारी अपडेट करनी थी। साथ ही, वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) में KVC प्रक्रिया पूरी करना भी अनिवार्य था। हालांकि, मात्र 1.53 लाख उम्मीदवारों ने ही इसमें रुचि दिखाई, जबकि 2.30 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने किनारा कर लिया। आयोग ने 8 मई 2026 को 859 पदों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया था, जो अब 1086 पदों पर होगी (उप-निरीक्षक एपी नॉन-शेड्यूल एरिया के 61 पद बढ़ाए जाने के बाद)।

पेपर लीक रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 8 बड़े कदम

इस बार एसआई भर्ती री-एग्जाम में पेपर की सुरक्षा और अभ्यर्थी की चेकिंग के लिए कई नए और कड़े प्रयोग शुरू किए जा रहे हैं, जो परीक्षा की विश्वसनीयता सुनिश्चित करेंगे:

  1. सेंटर पर आधे घंटे पहले पहुंचेंगे पेपर: अब परीक्षा के पेपर सेंटर पर निर्धारित समय से आधे घंटे पहले पहुंचेंगे। डिजिटल लॉक और सिक्योरिटी सिस्टम से लैस ये पेपर खुलने और बंटने तक पूरी वीडियोग्राफी के तहत रहेंगे। इससे पेपर लीक की संभावना कम होगी।
  2. एक घंटे पहले सेंटर पर एंट्री: सभी उम्मीदवारों की एंट्री परीक्षा के निर्धारित समय से एक घंटे पहले हो जाएगी। कैंडिडेट्स की एंट्री के बाद ही पेपर सेंटर पर पहुंचेंगे, जबकि पहले पेपर एंट्री से पहले ही पहुंच जाते थे।
  3. लाइव फोटो कैप्चर की सुविधा: डमी कैंडिडेट और फोटो में छेड़छाड़ कर आवेदन करने वालों पर लगाम लगाने के लिए OTR प्रक्रिया में बदलाव कर लाइव फोटो कैप्चर की शुरुआत की गई है। परीक्षा के दौरान की गई वीडियोग्राफी में अभ्यर्थी का मिलान OTR में कैप्चर की गई फोटो से किया जाएगा।
  4. हैंडराइटिंग का सैंपल: प्रत्येक उम्मीदवार को परीक्षक के सामने हस्ताक्षर करने और अंगूठे का निशान लगाने के साथ अपनी हैंडराइटिंग का नमूना (सैंपल) अटेंडेंस शीट में देना होगा। इसके लिए एक वाक्य लिखना और उसे सत्यापित करके हस्ताक्षर करना अनिवार्य होगा।
  5. एडमिट कार्ड पर क्यूआर कोड-वाटरमार्क: एडमिट कार्ड से छेड़छाड़ रोकने के लिए इसमें वाटरमार्क और क्यूआर कोड स्कैनर शामिल किया गया है। वाटरमार्क में उम्मीदवार की फोटो और क्यूआर कोड में उसका पूरा विवरण होगा, जो पिछली भर्ती में नहीं था।
  6. ओएमआर शीट में पांचवां विकल्प: अब ओएमआर शीट में पांच विकल्प दिए जाएंगे। यदि उम्मीदवार किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहते हैं, तो पांचवां विकल्प भरना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर नेगेटिव मार्किंग और अयोग्य घोषित करने का प्रावधान है, जो पिछली बार नहीं था।
  7. इंटरव्यू में टोकन सिस्टम: साक्षात्कार (इंटरव्यू) में टोकन प्रणाली शुरू की गई है। इसमें उम्मीदवार गुमनाम रूप से एक टोकन चुनता है, और उसी आधार पर उसे साक्षात्कार बोर्ड आवंटित किया जाता है। इससे इंटरव्यू से पहले किसी को पता नहीं चलेगा कि कौन सा कैंडिडेट किस बोर्ड में इंटरव्यू देगा।
  8. बड़े आकार की फोटो अनिवार्य: अटेंडेंस शीट के प्रोफार्मा में सुधार किया गया है, जिसमें अब बड़े आकार की फोटो और उम्मीदवार के उंगलियों के निशान शामिल होंगे, जो पिछली परीक्षा में नहीं थे।

एसआई भर्ती 2021 पेपर लीक: प्रमुख गिरफ्तारियाँ

एसआई भर्ती 2021 पेपर लीक मामले में कई बड़े नाम सामने आए थे, जिनमें प्रमुख गिरफ्तारियाँ शामिल हैं:

  • पूर्व RPSC सदस्य और परिवार: RPSC के पूर्व सदस्य रामूराम राईका, उनके बेटे देवेश राईका और बेटी शोभा राईका को गिरफ्तार किया गया था। रामूराम राईका 4 जुलाई 2018 को RPSC के सदस्य बने थे और 4 जुलाई 2022 तक इस पद पर रहे। वर्तमान में भी रामूराम राईका जेल में हैं।
  • बाबूलाल कटारा का हाथ: सीनियर टीचर पेपर लीक मामले में गिरफ्तार निलंबित RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा भी SI भर्ती पेपर लीक में शामिल था। रामूराम राईका ने SOG को बताया था कि उन्होंने अपने बेटे-बेटी के लिए बाबूलाल कटारा से पेपर लिया था।
  • पूर्व सीएम गहलोत के PSO भी गिरफ्तार: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) राजकुमार यादव और उनके बेटे भरत यादव को भी SOG ने गिरफ्तार किया था। राजकुमार यादव ने अपने बेटे के लिए पेपर खरीदा और बाद में उसे अपने दूधवाले को भी बेचा था।

भविष्य की भर्तियाँ: एसआई भर्ती 2025 और हाईकोर्ट का निर्णय

गृह विभाग में सब-इंस्पेक्टर/प्लाटून कमांडर भर्ती 2025 की प्रक्रिया भी जारी है। RPSC ने 17 जुलाई 2025 को 1015 पदों पर वैकेंसी निकाली थी, जिसके लिए 7.70 लाख से अधिक कैंडिडेट्स ने आवेदन किया। 5 और 6 अप्रैल 2026 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 60% उपस्थिति रही। वहीं, राजस्थान हाईकोर्ट ने एसआई भर्ती 2021 को रद्द कर दिया था, और आदेश दिया था कि जिन अभ्यर्थियों ने सरकारी नौकरी छोड़कर SI का पद संभाला था, उन्हें अपनी पुरानी नौकरी वापस मिल सकेगी।

इन सभी उपायों और निर्णयों से स्पष्ट है कि सरकार और RPSC प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि योग्य उम्मीदवार ही सफल हो सकें।

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