नीट री-एग्जाम 21 जून को: NMC ने रद्द की मेडिकल छात्रों की छुट्टियां, जानें वजह और गाइडलाइंस

देशभर में बहुप्रतीक्षित नीट री-एग्जाम 21 जून को आयोजित होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए सरकार और संबंधित प्राधिकरणों ने कड़े इंतजाम किए हैं। इसी क्रम में, नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने सभी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे MBBS और अन्य मेडिकल छात्रों के लिए 21 और 22 जून की छुट्टियां रद्द करने का एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है।

नेशनल मेडिकल कमीशन का अहम निर्देश: छुट्टियों पर रोक

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने एक एडवाइजरी जारी कर सभी मेडिकल शिक्षण संस्थानों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि MBBS सहित अन्य मेडिकल छात्रों को 20 और 21 जून को कोई छुट्टी न दी जाए। यह निर्देश NEET री-एग्जाम के सुचारू संचालन और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के उद्देश्य से जारी किया गया है।

आपातकालीन स्थितियों में मिलेगी छूट, पर उचित कारण के साथ

हालांकि, NMC की एडवाइजरी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई छात्र किसी आपातकालीन स्थिति के कारण छुट्टी लेना चाहता है, तो उसे उचित कारण प्रस्तुत करने पर ही छुट्टी दी जा सकती है। यह प्रावधान यह सुनिश्चित करने के लिए है कि आवश्यक परिस्थितियों में छात्रों को परेशानी का सामना न करना पड़े, लेकिन साथ ही नियमों का दुरुपयोग भी न हो।

इस निर्णय के पीछे का कारण: परीक्षा की शुचिता बनाए रखना

NMC के अनुसार, यह निर्देश शिक्षा मंत्रालय से प्राप्त एक पत्र के संदर्भ में जारी किया गया है। अतीत में कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां मेडिकल कॉलेजों के छात्रों की संदिग्ध गतिविधियां परीक्षाओं से जुड़ी अनियमितताओं में शामिल पाई गई थीं। ऐसे में, मेडिकल संस्थानों और कॉलेजों को अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इस निर्देश का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की धांधली को रोकना और NEET री-एग्जाम की विश्वसनीयता को हर कीमत पर बनाए रखना है।

पेपर लीक के बाद रद्द हुई थी पिछली परीक्षा

यह उल्लेखनीय है कि NEET UG 2026 की परीक्षा पहले 3 मई को आयोजित की गई थी। हालांकि, पेपर लीक के मामलों के सामने आने के बाद, केंद्र सरकार ने उस परीक्षा को रद्द कर दिया था। इसके बाद, छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बनाए रखने के लिए 21 जून को NEET री-एग्जाम आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। NMC और शिक्षा मंत्रालय द्वारा उठाए गए ये कदम यह दर्शाते हैं कि सरकार निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी मेडिकल कॉलेजों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है।

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