दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान एक चेहरा पूरे देश में छा गया। यह चेहरा है मोहम्मद इरफान का, जिसने भारतीय संविधान की प्रस्तावना को जिस आत्मविश्वास, लय और भाव के साथ सुनाया, उसने हर सुनने वाले को कुछ पल के लिए ठहरकर सुनने पर मजबूर कर दिया। उनके इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया और वे रातोंरात पूरे देश में पहचाने जाने लगे।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी मोहम्मद इरफान से मुलाकात की। गांधी ने इस मुलाकात के बाद कहा कि इरफान जैसे युवा ही भारत की सबसे बड़ी ताकत और उम्मीद हैं। उन्होंने इरफान की संविधान के प्रति समझ, देश के प्रति नजरिया और सीखने की उत्सुकता की सराहना की।
कौन हैं मोहम्मद इरफान?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली की सावदा जेजे कॉलोनी में रहने वाले 35 वर्षीय मोहम्मद इरफान एक आम दिहाड़ी मजदूर हैं। वे अपने पिता के साथ सड़क किनारे बर्फ की सिल्ली बेचने का काम करते हैं, जिससे वे रोज़ लगभग 500 रुपए कमाते हैं। उनका जीवन संघर्षों से भरा है और उन्हें पढ़ना-लिखना बिल्कुल नहीं आता। इसके बावजूद, वे देश और समाज से जुड़े गंभीर मुद्दों पर अपनी राय इतनी बेबाकी से रखते हैं, जो सबको हैरान कर देती है।
गूगल वॉइस सर्च से मिली ज्ञान की रौशनी
मोहम्मद इरफान ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने इतिहास, राजनीति और साहित्य के बारे में जो कुछ भी सीखा है, वह गूगल पर ‘वॉइस सर्च नोट्स’ (Google Voice Search Notes) के ज़रिए सीखा है। यह बात वाकई प्रेरणादायक है कि बिना किसी औपचारिक शिक्षा के, इरफान ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके इतना ज्ञान प्राप्त किया।
इरफान की एक और खास बात यह है कि वे किसी भी जानकारी पर तुरंत अपनी राय नहीं बनाते। बल्कि, वे विभिन्न स्रोतों से जानकारी को सत्यापित (verify) करते हैं और उसके बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुँचते हैं। यह उनकी सीखने की प्रक्रिया को और भी प्रभावशाली बनाता है।
छात्र आंदोलन में मोहम्मद इरफान की भागीदारी
इरफान ने बताया कि वे काफी पहले से ही छात्र आंदोलन में शामिल होने का मन बना चुके थे। जब उन्होंने अपने पिता से इसकी अनुमति मांगी तो उन्होंने चिंता के कारण मना कर दिया। लेकिन इरफान खुद को इस आंदोलन से दूर नहीं रख सके। उन्होंने कहा, “मैं खुद को यहां से दूर नहीं कर सका। यहां छात्र लोग जिस उम्मीद और इच्छा के लिए इकट्ठा हुए हैं, मैं यहां नहीं आता तो खुद को कभी माफ नहीं कर पाता।” उनका यह जूनून और देश के प्रति जोश देखकर लोग बहुत प्रभावित हुए।
इरफान की कहानी: युवाओं के लिए प्रेरणा
मोहम्मद इरफान की कहानी यह साबित करती है कि शिक्षा सिर्फ डिग्री तक सीमित नहीं होती। सीखने की लगन, जागरूकता और देश के प्रति कर्तव्यनिष्ठा व्यक्ति को किसी भी पृष्ठभूमि में महान बना सकती है। उनका उदाहरण हमें दिखाता है कि कैसे एक सामान्य व्यक्ति भी असाधारण बन सकता है, बशर्ते उसमें कुछ कर गुजरने का जज्बा हो। वे उन लोगों में से एक हैं जो अपने कर्तव्यों और अधिकारों के प्रति सचेत रहते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं।