यूपी TGT PGT नया सिलेबस 2024: नेगेटिव मार्किंग और संस्कृत में बड़े बदलाव

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्रशिक्षित स्नातक (TGT) और प्रवक्ता (PGT) भर्ती परीक्षाओं के लिए नया पाठ्यक्रम अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया है। इस बार परीक्षा पैटर्न में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनका सीधा असर उम्मीदवारों की तैयारी पर पड़ेगा। विशेष रूप से, नेगेटिव मार्किंग का लागू होना और संस्कृत विषय के सिलेबस में संशोधन प्रमुख हैं।

पहली बार लागू हुई नेगेटिव मार्किंग

इस बार TGT और PGT दोनों भर्ती परीक्षाओं में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि पहली बार नेगेटिव मार्किंग (नकारात्मक अंकन) लागू की गई है। इससे पहले, इन परीक्षाओं में गलत उत्तरों के लिए कोई अंक नहीं काटे जाते थे। अब उम्मीदवारों को प्रश्नों का उत्तर बहुत सोच-समझकर देना होगा, क्योंकि गलत जवाब देने पर आपके सही अंकों में से कटौती होगी। पूर्व में, परीक्षा में केवल विषय से संबंधित 125 प्रश्न होते थे और प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का होता था। यह बदलाव सफल होने के लिए सटीक ज्ञान और अभ्यास की आवश्यकता को बढ़ाता है।

सामान्य ज्ञान (General Knowledge) सिलेबस जल्द होगा जारी

आयोग ने अभी केवल विषय-वार (Subject-wise) पाठ्यक्रम जारी किया है। सामान्य ज्ञान का पाठ्यक्रम आयोग की बैठक के बाद अलग से जारी किया जाएगा। यह उम्मीद की जा रही है कि सामान्य ज्ञान का भाग परीक्षा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिसके लिए उम्मीदवारों को अपनी तैयारी में इसे भी शामिल करना होगा।

संस्कृत विषय के पाठ्यक्रम में अहम संशोधन

ज्यादातर विषयों के पाठ्यक्रम में बड़े बदलाव नहीं किए गए हैं, लेकिन संस्कृत विषय के सिलेबस में कुछ महत्वपूर्ण संशोधन हुए हैं, जिन पर उम्मीदवारों को विशेष ध्यान देना चाहिए:

  • PGT संस्कृत: वैदिक साहित्य से संबंधित कुछ नए भागों को जोड़ा गया है, जिससे उम्मीदवारों को इस क्षेत्र में अपनी समझ को और गहरा करना होगा।
  • TGT संस्कृत: ‘मेघदूतम्’ और ‘नीति शतकम’ को हटा दिया गया है। इनके स्थान पर ‘हितोपदेश’, ‘रघुवंश महाकाव्य का द्वितीय सर्ग’ और ‘साहित्य दर्पण का प्रथम परिच्छेद’ को शामिल किया गया है। यह बदलाव उम्मीदवारों के लिए एक नई चुनौती पेश करेगा और उन्हें नए ग्रंथों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

एक लाख से अधिक पदों पर भर्ती की मांग तेज

प्रतियोगी छात्रों द्वारा लंबे समय से नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द नई भर्तियों की मांग की है। इसके अतिरिक्त, रोजगार अधिकार अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पड़े एक लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की अपील की है। यह उम्मीद की जा रही है कि नए सिलेबस और आयोग के गठन के बाद इन मांगों पर भी विचार किया जाएगा, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

यह नया पाठ्यक्रम और नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान उम्मीदवारों के लिए एक नई चुनौती लेकर आया है। सफल होने के लिए, उम्मीदवारों को नए सिलेबस के अनुसार अपनी रणनीति बनानी होगी और विशेष रूप से नेगेटिव मार्किंग से बचने के लिए सटीक उत्तर देने का अभ्यास करना होगा। अपनी तैयारी को आज से ही नई दिशा दें और सफलता की ओर अग्रसर हों!

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