भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर ने डिजिटल दुनिया के बढ़ते खतरों से निपटने और भविष्य के साइबर योद्धाओं को तैयार करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संस्थान ने अपने नए एकेडमिक सेशन से ‘बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी’ नामक एक अभिनव अंडरग्रेजुएट (यूजी) प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की है। यह 4-वर्षीय कोर्स छात्रों को कोडिंग, एथिकल हैकिंग और डिजिटल सुरक्षा के गहन ज्ञान के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देने का अवसर प्रदान करेगा।
आईआईटी कानपुर साइबर सिक्योरिटी कोर्स: प्रवेश प्रक्रिया और लाइव हैकाथॉन
आईआईटी कानपुर के इस प्रतिष्ठित कोर्स में प्रवेश पाने के लिए छात्रों को एक बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। जेईई मेन की स्क्रीनिंग और प्रोफाइल शॉर्टलिस्टिंग के बाद, चुने गए उम्मीदवारों को जुलाई के पहले सप्ताह में आईआईटी कानपुर के परिसर में आमंत्रित किया जाएगा। यहां एक रोमांचक लाइव हैकाथॉन का आयोजन होगा, जहाँ छात्रों को अपनी तकनीकी और एथिकल हैकिंग क्षमताओं का सीधा प्रदर्शन करना होगा। यह प्रक्रिया उनके व्यावहारिक कौशल और समस्या-समाधान की क्षमता का आकलन करेगी।
बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी: एक विस्तृत अवलोकन
आईआईटी कानपुर का यह 4-वर्षीय यूजी प्रोग्राम वाधवानी स्कूल ऑफ AI और इंटेलिजेंट सिस्टम्स द्वारा पेश किया जाएगा, और इसकी शुरुआत जुलाई 2027 से होगी। यह कोर्स छात्रों को साइबर सुरक्षा के सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं में महारत हासिल करने का मौका देगा। पाठ्यक्रम को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि छात्रों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों पर आधारित प्रैक्टिकल और लाइव प्रोजेक्ट्स पर काम करने का भरपूर अवसर मिले। आईआईटी कानपुर का मजबूत साइबर सिक्योरिटी इकोसिस्टम और प्रसिद्ध C3i हब छात्रों को अत्याधुनिक सुविधाएं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करेगा, जो इस कोर्स को अद्वितीय बनाता है।
कोर्स का ढाँचा: पहले दो साल कैंपस में
इस बैचलर प्रोग्राम के शुरुआती दो साल छात्र आईआईटी कानपुर के मुख्य परिसर में बिताएंगे। इस अवधि में उन्हें साइबर सिक्योरिटी की बुनियादी और उन्नत अवधारणाओं को पढ़ाया जाएगा। संस्थान की उच्च-तकनीकी प्रयोगशालाओं (हाई-टेक लैबोरेटरीज) के नियंत्रित वातावरण में गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान छात्र नेटवर्क सिक्योरिटी, क्रिप्टोग्राफी और थ्रेट इंटेलिजेंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों को गहराई से समझेंगे और उनमें विशेषज्ञता हासिल करेंगे। यह गहन प्रशिक्षण उन्हें साइबर सुरक्षा के मूलभूत सिद्धांतों में मजबूत नींव प्रदान करेगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान: इंटर्नशिप और रियल-वर्ल्ड प्रोजेक्ट्स
कोर्स के तीसरे और चौथे साल में छात्रों को एक अद्वितीय अवसर मिलेगा। उन्हें भारत सरकार के शीर्ष सुरक्षा संगठनों में इंटर्नशिप के लिए भेजा जाएगा। इस दौरान छात्र देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े वास्तविक दुनिया के साइबर प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे। यह अनुभव उन्हें न केवल व्यावहारिक कौशल प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें राष्ट्र की सुरक्षा में सीधे योगदान देने का गौरवपूर्ण अवसर भी देगा। यह कार्यक्रम छात्रों को भविष्य के डिजिटल खतरों का सामना करने के लिए तैयार करेगा, जिससे वे साइबर सुरक्षा क्षेत्र में मूल्यवान पेशेवर बन सकें।
क्यों आईआईटी कानपुर का साइबर सिक्योरिटी कोर्स?
- व्यापक पाठ्यक्रम: कोडिंग, एथिकल हैकिंग, डिजिटल सिक्योरिटी सहित विस्तृत अध्ययन।
- व्यावहारिक अनुभव: प्रैक्टिकल और लाइव प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अवसर।
- अद्वितीय संसाधन: आईआईटी कानपुर का मजबूत साइबर सिक्योरिटी इकोसिस्टम और C3i हब का लाभ।
- वास्तविक दुनिया का प्रदर्शन: सरकारी सुरक्षा संगठनों में इंटर्नशिप और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम।
- भविष्योन्मुखी: बढ़ती साइबर सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रशिक्षित पेशेवरों का निर्माण।
डिजिटल भविष्य की तैयारी: आईआईटी कानपुर का दृष्टिकोण
आईआईटी कानपुर के निदेशक, प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने इस पहल के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “साइबर सिक्योरिटी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और राष्ट्रीय प्रणालियों की सुरक्षा के लिए एक विशेष रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र बन गया है।” इस कार्यक्रम की शुरुआत साइबर सुरक्षा के बढ़ते महत्व और इस क्षेत्र में कुशल पेशेवरों की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए की गई है। संस्थान इस कोर्स के लिए एक समर्पित वेबपेज लॉन्च करने की प्रक्रिया में है, जिसके अगले सप्ताह तक लाइव होने की उम्मीद है, जहाँ इच्छुक छात्र और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।