IITian अभिजीत आनंद की abCoffee: 13 लाख से 61 करोड़ तक का सफर | एक प्रेरक स्टार्टअप कहानी

IITian अभिजीत आनंद की abCoffee: 13 लाख से 61 करोड़ तक का सफर | एक प्रेरक स्टार्टअप कहानी

आजकल स्टार्टअप की दुनिया में सफलता की कई कहानियाँ सुनने को मिलती हैं, लेकिन कुछ कहानियाँ ऐसी होती हैं जो हमें प्रेरणा से भर देती हैं। ऐसी ही एक कहानी है अभिजीत आनंद की, जिन्होंने अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर ‘abCoffee’ नामक एक सफल कॉफी चेन की शुरुआत की। आइए जानते हैं कैसे एक IITian ने कॉफी के बाजार को समझा और उसे आम लोगों के लिए सुलभ बनाया।

शिक्षा और कॉर्पोरेट जगत का अनुभव

बिहार के जमालपुर के रहने वाले अभिजीत आनंद ने अपनी 10वीं और 12वीं की पढ़ाई जमालपुर से पूरी की। इसके बाद, उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT धनबाद से पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। साल 2013 में, उन्हें पेट्रोलियम सेक्टर की जानी-मानी कंपनी Schlumberger से 30 लाख रुपये सालाना पैकेज पर नौकरी का ऑफर मिला। अभिजीत ने करीब 8.5 साल तक कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया, इस दौरान उन्होंने देश और विदेश के कई शहरों में नौकरी की। रोमानिया में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्हें कॉफी पीने की आदत लग गई, जो आगे चलकर उनके उद्यमिता के सफर की नींव बनी।

बाजार को समझा और नया रास्ता चुना

साल 2021 में भारत लौटने के बाद, अभिजीत ने भारतीय कॉफी बाजार की गहराई से पड़ताल शुरू की। उन्होंने 20 शहरों और 12 राज्यों का दौरा किया, जहाँ उन्होंने लगभग 10,000 लोगों, कैफे मालिकों और किसानों से बात करके बाजार की नब्ज को समझा। उन्होंने पाया कि भारत में प्रीमियम और अच्छी गुणवत्ता वाली कॉफी या तो बहुत महंगी है या फिर आम लोगों की पहुंच से बाहर है। उनका मकसद एक ऐसा मॉडल तैयार करना था जो बेहतरीन स्वाद वाली कॉफी को किफायती दामों पर हर दिन की आदत बना सके।

abCoffee का जन्म: किफायती कॉफी का सपना

इस रिसर्च और अपनी दूरदृष्टि के साथ, अभिजीत ने अपनी अच्छी-खासी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर 2022 में अपना पहला कॉफी आउटलेट ‘abCoffee’ मुंबई के वर्सोवा में खोला। इस काम में शुरुआती खर्च करीब 13 लाख रुपये था, जिसे उन्होंने अपनी बचत के पैसों से पूरा किया। abCoffee का बिजनेस मॉडल बड़े और महंगे कैफे के बजाय छोटे, कॉम्पैक्ट आउटलेट्स पर आधारित है। इससे किराया और इंटीरियर जैसी लागतों को काफी कम रखा जा सका, जिसका सीधा फायदा ग्राहकों को किफायती कीमतों (119-209 रुपये) में अच्छी कॉफी के रूप में मिला।

तेजी से बढ़ती सफलता की कहानी

abCoffee की शुरुआत छोटे पैमाने पर हुई थी, लेकिन अभिजीत के स्पष्ट दृष्टिकोण और सही बिजनेस मॉडल के कारण इसने तेजी से तरक्की की:

  • शुरुआती दिनों में, पहला आउटलेट हर महीने लगभग 1 लाख रुपये का कारोबार करता था।
  • आज, abCoffee हर महीने करीब 3.5 लाख कप कॉफी बेचती है।
  • कंपनी ने दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में 95 से अधिक आउटलेट्स खोले हैं।
  • हाल ही में, abCoffee ने 61 करोड़ रुपये का प्री-सीरीज़ B फंडिंग राउंड भी सफलतापूर्वक जुटाया है, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता और निवेशकों के भरोसे का प्रमाण है।

प्रेरणा और उद्यमिता के सबक

अभिजीत आनंद की कहानी एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे सही बाजार अनुसंधान, ग्राहक की जरूरतों को समझना, और एक कुशल बिजनेस मॉडल एक साधारण विचार को एक सफल उद्यम में बदल सकता है। उनकी यात्रा हमें सिखाती है कि बड़े सपनों को पूरा करने के लिए केवल पैसा ही नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, नवाचार और अपने ग्राहकों के प्रति समर्पण भी महत्वपूर्ण है। abCoffee ने साबित कर दिया कि गुणवत्ता और सामर्थ्य एक साथ चल सकते हैं, और यह भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक चमकता सितारा है।

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