दुनिया के सबसे कम उम्र के चार्टर्ड अकाउंटेंट: लक्ष्मणन मेय्यप्पन की प्रेरक कहानी
दुबई के रहने वाले लक्ष्मणन मेय्यप्पन ने एक असाधारण उपलब्धि हासिल कर दुनिया को हैरान कर दिया है। महज 16 साल और 141 दिन की उम्र में, उन्होंने ‘दुनिया के सबसे कम उम्र के पुरुष चार्टर्ड अकाउंटेंट’ का खिताब अपने नाम कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। उनकी यह कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने करियर में कुछ बड़ा हासिल करना चाहते हैं।
अकाउंटिंग में दिलचस्पी की शुरुआत: लॉकडाउन का योगदान
लक्ष्मणन की अकाउंटिंग और फाइनेंस में रुचि कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान बढ़ी। कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा पूरी करने के बाद, उन्होंने गंभीरता से फाइनेंस और अकाउंटिंग के क्षेत्र में कदम रखने का फैसला किया। उनकी मां, जो खुद एक ACCA (एसोसिएशन ऑफ चार्टर्ड सर्टिफाइड अकाउंटेंट्स) हैं, ने लॉकडाउन के दौरान उन्हें अकाउंटिंग की बुनियादी बातें सिखाईं। यहीं से उनकी असाधारण यात्रा की नींव पड़ी।
एक साल में पूरी की प्रोफेशनल योग्यता: ACCA और CFA
केवल 15 साल की उम्र में, लक्ष्मणन ने इस प्रतिष्ठित प्रोफेशनल योग्यता (ACCA) की तैयारी शुरू की और अविश्वसनीय रूप से लगभग एक साल के भीतर इसे पूरा भी कर लिया। ACCA (एसोसिएशन ऑफ चार्टर्ड सर्टिफाइड अकाउंटेंट्स) एक विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रोफेशनल अकाउंटिंग योग्यता है।
ACCA पूरा करने के बाद, उन्होंने अपनी पढ़ाई को रोकने के बजाय फाइनेंस में और आगे बढ़ने का फैसला किया। उन्होंने CFA (चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट) प्रोग्राम भी सफलतापूर्वक पूरा किया और सितंबर 2025 में CFA इंस्टीट्यूट चार्टर होल्डर बनने के लिए तैयार हैं। CFA निवेश प्रबंधन पेशेवरों के लिए दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित योग्यताओं में से एक है।
पढ़ाई के साथ करियर: सीनियर रिसर्च एनालिस्ट
फिलहाल, लक्ष्मणन फाइनेंस में MSc (मास्टर ऑफ साइंस) कर रहे हैं। अपनी पढ़ाई के साथ-साथ, वह दुबई की सेंचुरी फाइनेंशियल में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट के तौर पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। उनके काम में निवेश से जुड़ी गहन रिसर्च करना, फाइनेंशियल एनालिसिस करना और निवेश संबंधी महत्वपूर्ण फैसलों के लिए आवश्यक जानकारी तैयार करना शामिल है।
सफलता का मंत्र: ज्ञान का वास्तविक अनुप्रयोग
पढ़ाई और काम के अलावा, लक्ष्मणन को घड़ियों को डिजाइन करने और बनाने में भी गहरी दिलचस्पी है। उनका मानना है कि सफलता केवल तेजी से योग्यताएं हासिल करने में नहीं है, बल्कि यह समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि सीखे गए ज्ञान और कौशल का वास्तविक जीवन में प्रभावी ढंग से कैसे उपयोग किया जाए। उनकी यह सोच उन्हें एक असाधारण युवा प्रोफेशनल बनाती है और दूसरों को भी प्रेरित करती है कि वे अपने ज्ञान को सिर्फ किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि उसे व्यवहारिक रूप से लागू करें।
लक्ष्मणन मेय्यप्पन की कहानी यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प, सही मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत से किसी भी उम्र में बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।