देशभर में मेडिकल स्नातकों के लिए आयोजित होने वाली सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक, NEET PG 2026 परीक्षा, 30 अगस्त को संपन्न हुई। हालांकि, जयपुर के एक केंद्र पर सामने आई तकनीकी गड़बड़ी ने हजारों छात्रों को चिंता में डाल दिया। यह घटना न केवल परीक्षा प्रणाली की चुनौतियों को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे एक छोटी सी रुकावट छात्रों के भविष्य पर बड़ा असर डाल सकती है।
जयपुर के सेंटर पर क्या हुआ?
जयपुर के सीतापुरा स्थित iON डिजिटल जोन सेंटर पर परीक्षा देने पहुंचे छात्रों को कई अप्रत्याशित समस्याओं का सामना करना पड़ा। ये गड़बड़ियां परीक्षा के सुचारु संचालन में बड़ी बाधा बनीं:
- बार-बार कंप्यूटर बंद होना: छात्रों का आरोप है कि लगभग दो घंटे की परीक्षा अवधि में उनके कंप्यूटर 10 बार तक बंद हुए। कुछ सिस्टम पर केवल 3-4 प्रश्न दिखने के बाद ही कंप्यूटर बंद हो गए, जबकि कुछ पर 5-6 प्रश्नों के बाद ऐसी समस्या आई।
- देरी से शुरू हुई परीक्षा: सुबह 9 बजे शुरू होने वाली परीक्षा लगभग एक घंटे की देरी से 10 बजे शुरू हो पाई, जिससे छात्रों का कीमती समय बर्बाद हुआ और तनाव बढ़ा।
- तकनीकी जानकारी का अभाव: छात्रों के अनुसार, सेंटर के स्टाफ ने कंप्यूटर में आई खराबी का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया, जिससे भ्रम और गुस्सा बढ़ा।
- बुनियादी सुविधाओं की कमी: परीक्षा हॉल में पीने के पानी और एयर-कंडीशनिंग या पंखों की उचित व्यवस्था नहीं थी, जिससे गर्मी और असुविधा के बीच छात्रों को परीक्षा देनी पड़ी।
छात्रों की चिंता और आरोप
इस गड़बड़ी के बाद छात्रों में गहरी चिंता देखी गई। उन्होंने कई गंभीर आरोप भी लगाए:
- रैंक पर असर: छात्रों का मानना था कि परीक्षा में हुई रुकावट का उनकी रैंक पर सीधा असर पड़ेगा। उनका तर्क था कि एक नंबर का भी अंतर मेडिकल स्पेशलिटी और कॉलेज के चयन के विकल्पों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है।
- पेपर लीक की आशंका: कुछ छात्रों ने परीक्षा में हुई गड़बड़ी के चलते पेपर लीक होने की आशंका भी जताई, जिससे उनकी चिंताएं और बढ़ गईं।
- विरोध करने पर धमकी: छात्रों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, तो उन्हें पुलिस कार्रवाई और FIR दर्ज कराने की धमकी दी गई, यदि वे बाहर प्रदर्शन जारी रखते हैं। हालांकि, ACP ललित शर्मा ने बताया कि अधिकारियों को सर्वर में खराबी की जानकारी मिली थी, जिससे परीक्षा प्रभावित हुई थी।
NBEMS का तत्काल समाधान: दोबारा परीक्षा की घोषणा
परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों ने सेंटर के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने तत्काल कार्रवाई की।
- NBEMS ने प्रभावित उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा की घोषणा की।
- यह दोबारा परीक्षा 5 सितंबर को iON डिजिटल जोन iDZ, सीतापुरा के टेस्ट सेंटर 41,682 और 41,683 पर आयोजित की जाएगी, जो बिजली कटौती और तकनीकी समस्याओं से प्रभावित हुए थे।
NEET PG 2026 परीक्षा: एक व्यापक दृष्टिकोण
NEET PG 2026 परीक्षा 30 अगस्त को देशभर के 399 शहरों में आयोजित की गई थी, जिसमें कुल 2.66 लाख डॉक्टर शामिल हुए थे। NBEMS ने इस साल फर्जीवाड़े को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे:
- सख्त निगरानी: लाइव CCTV मॉनिटरिंग के जरिए परीक्षा केंद्रों पर कड़ी नजर रखी गई थी।
- सिंगल शिफ्ट परीक्षा: केंद्र सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से अगस्त में ही NEET-PG 2026 को एक ही शिफ्ट में आयोजित करने का ऐलान किया था।
- परीक्षा केंद्र चुनने की सुविधा: छात्रों को अपने घर के नजदीक सेंटर मिल सके, इसके लिए उन्हें तीन राज्य चुनने की सुविधा दी गई थी, जिससे वे अपनी पसंद के अनुसार परीक्षा केंद्र चुन सकें।
जयपुर केंद्र पर हुई यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन NBEMS द्वारा तुरंत दोबारा परीक्षा की घोषणा एक सकारात्मक कदम है, जो यह सुनिश्चित करता है कि प्रभावित छात्रों को न्याय मिल सके और उनकी मेहनत बेकार न जाए। ऐसी घटनाओं से सीख लेकर भविष्य में परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है।