NEET PG 2026 परीक्षा: पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करने के नए कदम
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने NEET PG 2026 परीक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण सुधारों की घोषणा की है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाना, किसी भी प्रकार की धांधली को रोकना और परीक्षार्थियों को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। ये सुधार आगामी 30 अगस्त को होने वाली परीक्षा के लिए लागू होंगे, जिसके लिए इस साल रिकॉर्ड 2.73 लाख उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.5% अधिक है।
क्यों किए गए ये बदलाव?
हाल ही में NEET-UG पेपर लीक जैसी घटनाओं के बाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा के पूरे इकोसिस्टम की सुरक्षा को पुख्ता करने की दिशा में गंभीरता से काम करना शुरू कर दिया है। NEET PG 2026 की घोषणा इन्हीं प्रयासों का एक हिस्सा है, ताकि छात्रों का विश्वास बहाल किया जा सके और उन्हें एक निष्पक्ष परीक्षा का अनुभव मिल सके।
मुख्य सुधार और सुरक्षा उपाय
- विस्तृत परीक्षा व्यवस्था: यह परीक्षा देशभर के 340 शहरों में लगभग 1300 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी, जिससे उम्मीदवारों को यात्रा संबंधी असुविधा कम होगी और परीक्षा केंद्रों तक पहुंच आसान होगी।
- कठोर सुरक्षा टेंडर: NTA ने परीक्षा केंद्रों और संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 7.5 करोड़ रुपये का एक विशेष टेंडर जारी किया है। इसमें NTA मुख्यालय सहित उन सभी जगहों पर सुरक्षा कड़ी की जाएगी, जहां से परीक्षा सामग्री या प्रक्रिया संचालित होती है। यह टेंडर 25 जुलाई को जारी किया गया था और 17 अगस्त को इसकी बोलियां खोली जाएंगी। चयनित एजेंसी को दो साल का अनुबंध मिलेगा, जिससे दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
- बायोमेट्रिक सत्यापन में सख्ती: प्रवेश के लिए फिंगरप्रिंट स्कैनिंग को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। यदि किसी कारणवश फिंगरप्रिंट मैच नहीं होते हैं, तो उम्मीदवारों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उनकी आंखों की पुतली (आइरिस) को स्कैन करके एंट्री दी जाएगी। यह कदम पहचान की पुष्टि को अभेद्य बनाता है और प्रतिरूपण (Impersonation) को रोकने में मदद करेगा।
छात्रों के लिए महत्व
ये सभी सुधार उन लाखों छात्रों के लिए राहत की खबर हैं जो NEET PG जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा की तैयारी में अपना समय और मेहनत लगाते हैं। इन कड़े सुरक्षा उपायों से न केवल परीक्षा की शुचिता बनी रहेगी, बल्कि छात्रों को भी यह विश्वास रहेगा कि उनकी मेहनत का फल उन्हें ईमानदारी से मिलेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और NTA का यह कदम देश में उच्च शिक्षा प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।