NEET री-एग्जाम: सीएम योगी की छात्रों को बड़ी राहत, 50% बस किराया छूट और आवास की व्यवस्था
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21 जून को आयोजित होने वाली नीट (NEET) री-एग्जाम में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं। इन घोषणाओं का मुख्य उद्देश्य छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुँचने और रुकने में आने वाली परेशानियों को कम करना है, विशेष रूप से उस पृष्ठभूमि में जब पूर्व में पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। सीएम योगी ने पुलिस और प्रशासन को पुख्ता तैयारियों के निर्देश दिए हैं ताकि इस बार परीक्षा पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ संपन्न हो सके।
सीएम योगी की छात्रों को बड़ी राहत: 50% बस किराया छूट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि 21 जून को होने वाली नीट परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार अपना एडमिट कार्ड दिखाकर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों में किराए में 50% की छूट का लाभ उठा सकते हैं। यह कदम उन हजारों छात्रों के लिए एक बड़ी वित्तीय राहत साबित होगा जिन्हें परीक्षा देने के लिए दूसरे शहरों की यात्रा करनी पड़ती है।
अस्थायी आवास की व्यवस्था
परीक्षा देने के लिए अपने गृह जिले से दूर जाने वाले छात्रों की सुविधा के लिए सीएम योगी ने अस्थायी आवास की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं। कई बार छात्रों को दूसरे शहरों में रुकने की जगह नहीं मिल पाती या उन्हें उच्च दरों पर आवास लेना पड़ता है। इस घोषणा से ऐसे छात्रों को काफी मदद मिलेगी, जिससे वे बिना किसी अतिरिक्त तनाव के अपनी परीक्षा पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश से लगभग 3.5 लाख उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होने वाले हैं, जिनमें से कई को इन सुविधाओं की आवश्यकता होगी।
परीक्षा सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पिछली नीट परीक्षा में पेपर लीक की घटना के बाद, इस बार सरकार ने सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं।
- एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल: अधिकारियों के अनुसार, प्रश्न पत्र की सेटिंग, अनुवाद, प्रिंटिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज से लेकर परिवहन और वितरण तक सभी प्रक्रियाओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रश्न पत्रों और संबंधित सामग्री को ले जाने के लिए भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के एयरक्राफ्ट का उपयोग किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका को समाप्त किया जा सके।
- डिजिटल निगरानी: डिजिटल क्षेत्र में भी अधिकारी 24 घंटे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप्स पर पैनी नजर रख रहे हैं। इसका उद्देश्य फेक प्रश्न पत्रों, गलत सूचनाओं और संदिग्ध गतिविधियों को फैलने से रोकना है।
- सीसीटीवी से लाइव निगरानी: परीक्षा केंद्रों पर फेशियल रिकॉग्निशन (चेहरे की पहचान), बायोमेट्रिक जांच और सीसीटीवी से लाइव निगरानी रखी जाएगी। ये उपाय पेपर लीक और नकल को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जिससे परीक्षा की शुचिता बनी रहेगी।
पृष्ठभूमि: 12 मई को रद्द हुई थी नीट परीक्षा
गौरतलब है कि नीट यूजी परीक्षा, जो देश भर के 551 शहरों और विदेशों में 14 शहरों में आयोजित की गई थी, में लगभग 22 लाख छात्र शामिल हुए थे। 7 मई की शाम को परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिलने के बाद, यह मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया था और 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इस धांधली के खिलाफ देशभर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने री-एग्जाम का फैसला लिया। सरकार और प्रशासन इस बार पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं कि छात्र बिना किसी चिंता के अपनी परीक्षा दे सकें और उनके भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो।