उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) द्वारा आयोजित यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 8 जून 2026 से राज्य भर में शुरू हो गई है। लाखों युवाओं के भविष्य की दिशा तय करने वाली यह परीक्षा 8, 9 और 10 जून को विभिन्न पालियों में संपन्न हो रही है। इस लेख में हम परीक्षा के नवीनतम अपडेट्स, कड़े सुरक्षा इंतजामों, परीक्षार्थियों द्वारा झेली गई चुनौतियों और सामने आए महत्वपूर्ण मामलों का विस्तृत विश्लेषण करेंगे।
यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती: एक वृहत् अवलोकन
उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पदों पर सीधी भर्ती के लिए आयोजित इस परीक्षा में लगभग 29 लाख अभ्यर्थी भाग ले रहे हैं। राज्य के 1100 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर यह विशाल आयोजन दो पालियों में किया जा रहा है: पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक। इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों की भागीदारी इस परीक्षा के महत्व को रेखांकित करती है।
कड़े सुरक्षा इंतजाम और बायोमेट्रिक सत्यापन
परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय किए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे, जिसमें एक हजार से अधिक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात थे। प्रवेश से पहले कर्मचारियों की गहन जांच की गई, वहीं परीक्षार्थियों को बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट और रेटिना स्कैन) के बाद ही एग्जाम सेंटर में प्रवेश दिया गया। जूते-बेल्ट उतरवाने से लेकर कपड़ों, बालों और कानों तक की चेकिंग की गई। पूरे एग्जाम हॉल की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की गई, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके।
परीक्षार्थियों की चुनौतियां: यात्रा और भीड़ का सामना
हालांकि सरकार ने परीक्षा को व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने का दावा किया, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती दिखी। परीक्षा के पहले और दूसरे दिन रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड पर भारी भीड़ के कारण परीक्षार्थियों को अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में छात्रों को आपातकालीन खिड़कियों के रास्ते ट्रेनों में घुसते हुए देखा गया, जो यात्रा की भयावह स्थिति को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षार्थियों को बसों में 50% किराए की छूट देने की घोषणा की थी, इसके बावजूद यात्रियों की संख्या इतनी अधिक थी कि परिवहन व्यवस्था चरमरा गई। उन्नाव में आए आंधी-तूफान के कारण ट्रेन के रास्ते में पेड़ गिरने से कई घंटों तक ट्रेनें फंसी रहीं, जिससे कई छात्रों को पैदल ही अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना पड़ा और समय पर पहुंचने में भारी परेशानी हुई।
अनुपस्थिति और अनियमितताओं के मामले
परीक्षा के पहले दिन, राज्य भर में कुल 5,863 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी। सुबह की पाली में 2,953 और दोपहर की पाली में 2,910 छात्र अनुपस्थित रहे। यह आंकड़ा उन छात्रों की संख्या को दर्शाता है जो किसी कारणवश परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए।
वहीं, कुछ स्थानों पर अनियमितताओं के मामले भी सामने आए। आजमगढ़ में एक इंस्टाग्राम यूजर को हिरासत में लिया गया, जबकि हापुड़ में परीक्षार्थी सचिन सिंह को गड़बड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। गोरखपुर में एक छात्र को परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया, जिस पर तत्काल कार्रवाई की गई। इन घटनाओं के बावजूद, बोर्ड ने पारदर्शिता बनाए रखने का दावा किया है।
पेपर लीक अफवाहों पर स्पष्टीकरण
परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले, सोशल मीडिया पर पेपर लीक की फर्जी खबरें तेजी से फैल रही थीं। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने इन अफवाहों का खंडन करते हुए उम्मीदवारों को चेतावनी दी और टेलीग्राम चैनल पर चल रही फर्जी खबरों के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आयोजित की जा रही है।
निष्कर्ष
यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2026 न केवल लाखों युवाओं के सपनों को संजोए हुए है, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। जहां एक ओर कड़े सुरक्षा इंतजामों और बायोमेट्रिक सत्यापन से पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया, वहीं दूसरी ओर परीक्षार्थियों को यात्रा और भीड़ जैसी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा। उम्मीद है कि यह परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न होगी और योग्य उम्मीदवारों को प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिलेगा।