UPTET 2026 रिजल्ट विवाद: 60,000 OMR शीट रिजेक्ट, जानें छात्रों की मांग और आगे क्या?

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 के परिणाम 26 अगस्त को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा घोषित कर दिए गए हैं। जहां सफल होने वाले उम्मीदवारों में खुशी की लहर है, वहीं लगभग 60,000 ऐसे परीक्षार्थी भी हैं जो अपने परिणाम रद्द होने से बेहद निराश हैं। इनमें से कई उम्मीदवार ऐसे थे जिन्होंने आयोग की आधिकारिक आंसर-की से अपने उत्तरों का मिलान करने पर आसानी से परीक्षा पास कर ली थी, लेकिन अंतिम परिणाम में उनका स्टेटस ‘रिजेक्टेड’ दिख रहा है। यह स्थिति हजारों युवाओं के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा रही है।

UPTET 2026 रिजल्ट: 60,000 OMR शीट रिजेक्ट होने का पूरा मामला

UPTET 2026 के नतीजों में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के ओएमआर (OMR) शीट रिजेक्ट होने से एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इन 60 हजार उम्मीदवारों का रिजल्ट रद्द कर दिया गया है, जिससे उनकी उम्मीदों को करारा झटका लगा है। कई परीक्षार्थी जो मेरिट लिस्ट में आने की उम्मीद कर रहे थे, अब उनके परिणाम अमान्य घोषित हो गए हैं। इस स्थिति ने छात्रों के बीच गहरी चिंता और निराशा पैदा कर दी है।

आयोग ने बताए OMR शीट रिजेक्शन के कारण

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन OMR शीटों को क्यों खारिज किया गया। आयोग के अनुसार, जिन उम्मीदवारों ने रोल नंबर, प्रश्न पत्र बुकलेट की संख्या, या अन्य आवश्यक कॉलम में गोले गलत तरीके से भरे, उन्हें ऊपर-नीचे कर दिया, या किसी कॉलम को भरना भूल गए, उनके OMR शीट को कंप्यूटर सॉफ्टवेयर ने सीधे तौर पर जांचने से मना कर दिया। कंप्यूटर-आधारित मूल्यांकन प्रणाली इन त्रुटियों के प्रति असंवेदनशील होती है, जिसके चलते मानवीय गलतियों का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ा है।

उम्मीदवारों की मांग: OMR शीट की मैनुअल जांच क्यों है जरूरी?

रिजल्ट रिजेक्ट होने से नाराज उम्मीदवारों ने आयोग के सामने अपनी मांग रखी है। उनका तर्क है कि कई मामलों में उम्मीदवारों ने लिखित रूप में अपना रोल नंबर और बुकलेट नंबर सही भरा था, लेकिन संबंधित गोले भरने में गलती हो गई। ऐसी स्थिति में, जबकि उम्मीदवार की पहचान आसानी से की जा सकती है, OMR शीट को सीधे खारिज करने के बजाय उनकी मैनुअल जांच की जानी चाहिए। उम्मीदवारों का कहना है कि एक छोटी सी मानवीय त्रुटि के कारण उनके पूरे साल की मेहनत बेकार नहीं जानी चाहिए। वे पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग कर रहे हैं।

आयोग के समक्ष विरोध प्रदर्शन और 5,000 से अधिक प्रत्यावेदन

अपनी मांगों को लेकर, प्रयागराज में उम्मीदवारों ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को 5,000 से अधिक प्रत्यावेदन (representation) सौंपे हैं। 28 अगस्त को, 300 से अधिक उम्मीदवारों ने प्रयागराज स्थित आयोग कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने जोरदार तरीके से अपनी आवाज उठाते हुए रिजल्ट की दोबारा जांच और प्रभावित OMR शीट की मैनुअल समीक्षा की मांग की। यह प्रदर्शन दिखाता है कि उम्मीदवार इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं और वे अपने भविष्य के लिए लड़ रहे हैं।

यह देखना बाकी है कि आयोग उम्मीदवारों की इन मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देता है। हजारों युवाओं का भविष्य इस निर्णय पर टिका हुआ है।

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