CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत ने मंगलवार को संसद की स्थायी समिति के समक्ष अपनी बात रखी। उन्होंने OSM प्रणाली के क्रियान्वयन और इसकी टेंडर प्रक्रिया में सामने आई कथित गड़बड़ियों पर विस्तृत जानकारी दी, जिसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने CBSE से इस पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है।
छात्र सार्थक सिद्धांत ने संसदीय समिति को सौंपे निष्कर्ष
संसद भवन एनेक्सी में शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में सार्थक सिद्धांत ने अपने गहन शोध और ब्लॉग के निष्कर्षों को प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि उनके ब्लॉग के अनुसार, इस प्रणाली में कम से कम 15 विसंगतियां (Discrepancies) हैं, जिनमें से उन्होंने तीन-चार प्रमुख बिंदुओं को समिति के सामने रखा। यह पहल CBSE की मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को रेखांकित करती है।
शिक्षा मंत्रालय ने CBSE से मांगी रिपोर्ट
छात्रों की आंसरशीट में कथित बदलाव और कम अंकों के विवाद के बाद शिक्षा मंत्रालय अब सक्रिय हो गया है। मंत्रालय ने CBSE से कोएम्प्ट (COEMPT) को टेंडर दिए जाने के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय ने इस मामले में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश करने का मन बना लिया है। यह कदम छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेने और भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुनर्मूल्यांकन पोर्टल की समस्या: लाखों छात्र हुए परेशान
CBSE का बहुप्रतीक्षित वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल सोमवार देर शाम तक नहीं खुल पाया था, जिससे लाखों छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बोर्ड की ओर से दिनभर ‘पोर्टल विल गो लाइव सून’ का संदेश आता रहा। सूत्रों के अनुसार, पोर्टल पर लगातार ‘अनॉथराइज इंटरफियरेंस’ यानी हैकिंग की कोशिशें जारी थीं। हालांकि, मंगलवार को CBSE ने घोषणा की कि 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल अब लाइव हो गया है, जो 6 जून तक खुला रहेगा।
मुख्य घटनाक्रम:
- 13 मई: CBSE ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित किए।
- 19 मई: पोस्ट रिजल्ट शिकायतों के समाधान के लिए पोर्टल खोला गया, लेकिन पहले ही दिन क्रैश हो गया।
- 22 मई: आंसरशीट की फोटोकॉपी लेने की तारीख तीन बार, एक-एक दिन के लिए बढ़ाई गई।
- 25 मई: पोर्टल को दुरुस्त करने के लिए देश के दो IIT संस्थानों से मदद मांगी गई।
- 1 जून: OSM के पुनर्मूल्यांकन से जुड़ा पोर्टल दिनभर नहीं खुल सका।
- 2 जून: बोर्ड ने पोर्टल लाइव होने की घोषणा की, जो 6 जून तक खुला रहेगा।
COEMPT एडुटेक: विवादों से पुराना नाता
CBSE OSM में कथित गड़बड़ी का केंद्र बिंदु COEMPT एडुटेक, हैदराबाद, तेलंगाना स्थित एक फर्म है, जो तेलंगाना, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में डिजिटल मूल्यांकन सेवाएं प्रदान करती है। 2019 में, जब इसका नाम ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड था, तब इस पर तेलंगाना में 12वीं बोर्ड परीक्षा के डेटा प्रोसेसिंग में गंभीर गड़बड़ी के आरोप लगे थे। उस वर्ष राज्य में 9.74 लाख छात्रों में से 3 लाख से अधिक छात्र असफल हो गए थे, जिसके बाद काफी विवाद उत्पन्न हुआ था।
यूथ कांग्रेस का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
इंडियन यूथ कांग्रेस ने CBSE परीक्षाओं में व्याप्त अनियमितताओं के खिलाफ अपने देशव्यापी आंदोलन को और तेज करने की घोषणा की है। कांग्रेस का युवा विंग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इन विरोध प्रदर्शनों में मशाल जुलूस, छात्र संपर्क कार्यक्रम, विशाल प्रदर्शन और घेराव शामिल होंगे। यह अभियान महाराष्ट्र, तेलंगाना, असम, हरियाणा, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, पंजाब और तमिलनाडु सहित कई राज्यों में चलाया जाएगा, हालांकि इसकी निश्चित तारीखों का ऐलान अभी नहीं हुआ है।