जेईई एडवांस्ड 2026: IIT में लड़कियों की रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी, 10,000+ ने किया क्वालिफाई

जेईई एडवांस्ड 2026 के परिणाम STEM शिक्षा और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में लड़कियों की बढ़ती भागीदारी के लिए एक मील का पत्थर साबित हुए हैं। सोमवार को जारी हुए परिणामों में एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज किया गया, जहाँ पहली बार 10,000 से अधिक लड़कियों ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में दाखिले के लिए क्वालिफाई किया है। यह उपलब्धि न केवल इन छात्राओं की मेहनत का परिणाम है, बल्कि भारत में महिला सशक्तिकरण और तकनीकी शिक्षा में समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

IIT में लड़कियों की रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी: एक नया कीर्तिमान

इस साल की जेईई एडवांस्ड परीक्षा में शामिल होने वाली हर चार लड़कियों में से लगभग एक ने सफलता हासिल की, जो लड़कियों के बीच उच्च सफलता दर को दर्शाता है। आँकड़े बताते हैं कि 2026 में कुल 10,107 लड़कियों ने क्वालिफाई किया है, जबकि 2019 में यह संख्या 5,356 थी। यह लगभग 89% की प्रभावशाली वृद्धि है, जो पिछले कुछ वर्षों में लड़कियों की तैयारी और प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाता है।

सुपरन्यूमेरेरी सीटों का प्रभाव और बढ़ती संख्या

2019 में IITs में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए लागू की गई सुपरन्यूमेरेरी सीटों (अतिरिक्त सीटें) का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिख रहा है। इन सीटों ने लड़कियों को STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। क्वालिफाई करने वाली लड़कियों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ-साथ, जेईई एडवांस्ड में शामिल होने वाली लड़कियों की संख्या भी बढ़ी है। यह संख्या 33,249 से बढ़कर 40,562 हो गई है, जो लगभग 22% की वृद्धि को दर्शाता है। ये आंकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं कि IITs में लड़कियों की भागीदारी और सफलता दोनों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे तकनीकी शिक्षा में लैंगिक समानता की दिशा में प्रगति हो रही है।

जेईई एडवांस्ड 2026 के कुल आंकड़े

इस वर्ष जेईई एडवांस्ड 2026 के लिए कुल 1,87,389 कैंडिडेट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 1,79,694 कैंडिडेट्स ने परीक्षा में भाग लिया। कुल मिलाकर 56,880 कैंडिडेट्स ने यह कठिन परीक्षा पास की है, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा लड़कियों का है, जो अपने आप में एक प्रेरणादायक उपलब्धि है।

आरोही देशपांडे: लड़कियों की टॉपर और प्रेरणादायक कहानी

पुणे की आरोही देशपांडे ने जेईई एडवांस्ड 2026 में लड़कियों के बीच टॉप करके एक शानदार मिसाल कायम की है। आरोही ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 77 हासिल की है। उनकी सफलता की कहानी कड़ी मेहनत और पारिवारिक सहयोग का एक बेहतरीन उदाहरण है। कक्षा 9 के बाद आईआईटी की तैयारी के लिए आरोही का परिवार कोटा शिफ्ट हो गया था, जहाँ उन्होंने एलन करियर इंस्टिट्यूट से अपनी तैयारी की।

आरोही के पिता प्रसाद देशपांडे एक आईटी प्रोफेशनल हैं, जबकि उनकी मां अमिता देशपांडे पर्यावरण इंजीनियर हैं। दोनों ने वर्क फ्रॉम होम लेकर अपनी बेटी की तैयारी में पूरा सहयोग दिया। आरोही ने बताया कि उनका ध्यान सिर्फ अच्छे नंबर लाने पर था, न कि रैंक हासिल करने पर, जो उनकी सादगी और लक्ष्य के प्रति स्पष्टता को दर्शाता है। आरोही देशपांडे की यह उपलब्धि कई अन्य लड़कियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी, जो इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं।

यह रिकॉर्डतोड़ सफलता न केवल इन प्रतिभाशाली छात्राओं के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। यह दर्शाता है कि भारत में लड़कियाँ हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित करने के लिए तैयार हैं और उन्हें सही अवसर और सहयोग मिलने पर वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं।

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