JEE-एडवांस्ड रिजल्ट 2024: शुभम कुमार बने टॉपर, जानें सफलता के मंत्र और मुख्य आंकड़े

JEE-एडवांस्ड रिजल्ट 2024: शुभम कुमार बने टॉपर, जानें सफलता के मंत्र और मुख्य आंकड़े

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम यानी JEE-एडवांस्ड 2024 के परिणाम रविवार देर रात घोषित कर दिए गए हैं। इस बार बिहार के शुभम कुमार ने पूरे देश में टॉप करके अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उनके साथ दिल्ली के कबीर छिल्लर ने दूसरा और राजस्थान के झुंझुनूं से जतिन चाहर ने तीसरा स्थान हासिल किया। यह परिणाम उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो देश के इन शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश का सपना देखते हैं।

JEE-एडवांस्ड 2024: मुख्य परिणाम और आंकड़े

इस वर्ष की परीक्षा में कुल 1 लाख 79 हजार 694 छात्र शामिल हुए थे, जिनमें से 56 हजार 880 कैंडिडेट्स ने सफलतापूर्वक परीक्षा पास की। यह कुल परीक्षार्थियों का लगभग 31.65% है, जो पिछली बार की तुलना में पास प्रतिशत में वृद्धि दर्शाता है। इस साल सामान्य वर्ग के लिए कटऑफ बढ़कर 92 अंक हो गया है, जो 2023 की तुलना में 18 अंकों का बड़ा इजाफा है। वहीं, सब्जेक्ट वाइज कटऑफ में भी सामान्य कैटेगरी में 8 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह दर्शाता है कि प्रतिस्पर्धा का स्तर लगातार बढ़ रहा है।

सफलता की कुंजी: टॉपरों के मंत्र और राजस्थान का योगदान

देश के शीर्ष 10 रैंक हासिल करने वाले छात्रों में से 6 ने राजस्थान के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों से अपनी पढ़ाई की है, जो इस राज्य को IIT तैयारी का एक प्रमुख केंद्र बनाता है। दूसरे स्थान पर आए कबीर छिल्लर ने टॉपर शुभम कुमार से मात्र एक अंक कम हासिल किया, जो उनके बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।

तीसरे स्थान पर रहे जतिन चाहर, जो मूल रूप से झुंझुनूं जिले के गोठ गांव से हैं, ने 319 अंक प्राप्त किए। जतिन ने अपनी सफलता का श्रेय ‘कॉन्सेप्ट क्लियर’ करने पर केंद्रित रहने को दिया। कोटा से ही अर्णव गौतम ने 7वीं, कनिष्क जैन ने 8वीं और दर्श सिक्का ने 10वीं रैंक हासिल की। गर्ल्स कैटेगरी में आरोही ने 77वीं रैंक के साथ टॉप किया और उन्होंने भी कोटा में ही शिक्षा प्राप्त की। इन सभी टॉपर्स की कहानियाँ दृढ़ संकल्प और सही मार्गदर्शन का प्रमाण हैं।

JEE और NEET aspirants के लिए टॉपरों के खास टिप्स

शुभम कुमार और कबीर छिल्लर ने दैनिक भास्कर के साथ एक विशेष बातचीत में अपनी सफलता के रहस्य साझा किए। उन्होंने बताया कि वे रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई करते थे, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि उन्होंने तनाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया। उनके अनुसार, संतुलन और सही रणनीति सफलता की कुंजी है।

  • किताबों में पूरी तरह डूबे न रहें: शारीरिक और मानसिक ताजगी के लिए खेलना भी उतना ही जरूरी है। पढ़ाई के साथ मनोरंजन और आराम का संतुलन बनाए रखें।
  • कॉन्सेप्ट्स पर फोकस: अपने कॉन्सेप्ट्स को गहराई से समझें, रटने की बजाय समझने पर जोर दें। यह आपको किसी भी प्रश्न को हल करने में मदद करेगा।
  • टाइम मैनेजमेंट: पढ़ाई के दौरान टाइम मैनेजमेंट बहुत महत्वपूर्ण है, हर विषय को उचित समय दें और अपनी कमजोरियों पर अधिक काम करें।
  • तनाव से बचें: तनाव (स्ट्रेस) से बचें और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करें। खुद पर विश्वास रखें और अपनी क्षमताओं पर भरोसा करें।

NEET विवाद के चलते चिंताग्रस्त छात्रों के लिए भी शुभम और कबीर का संदेश स्पष्ट है: "भविष्य की चिंता छोड़ दें और वर्तमान में अपनी मेहनत पर पूरा ध्यान दें।" JEE-एडवांस्ड के ये परिणाम और टॉपरों के अनुभव लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे, जो अपने इंजीनियरिंग सपनों को साकार करने की राह पर हैं।

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