IPS मोहिबुल्लाह अंसारी: स्कूल में कमजोर छात्र से ‘द एशियन हीरो अवार्ड’ तक का सफर
हर छात्र के जीवन में चुनौतियाँ आती हैं, लेकिन कुछ छात्र ऐसे होते हैं जो इन चुनौतियों को अवसर में बदलकर सफलता की नई इबारत लिखते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है साल 2021 बैच के IPS अधिकारी मोहिबुल्लाह अंसारी की, जिन्हें उनकी असाधारण सेवा और समाज के प्रति योगदान के लिए ‘द एशियन हीरो अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया जाएगा। यह कहानी दर्शाती है कि कड़ी मेहनत, लगन और सही प्रेरणा से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
कौन हैं मोहिबुल्लाह अंसारी और क्यों मिल रहा है यह सम्मान?
मोहिबुल्लाह अंसारी को 13 दिसंबर 2026 को USA के फ्लोरिडा में आयोजित होने वाले सातवें वर्ल्ड फेयर एंड फेस्टिवल के दौरान ‘द एशियन हीरो अवार्ड 2026’ से नवाजा जाएगा। यह सम्मान उन्हें एसोसिएशन ऑफ वर्ल्ड फेयर एंड फेस्ट यूएसए द्वारा दिया जा रहा है। उनकी ईमानदारी, बेहतरीन पब्लिक सर्विस और समाज कल्याण में दिए गए उनके अमूल्य योगदान के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया जा रहा है। उनकी सेवा ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है।
पढ़ाई में कमजोर छात्र से IIT तक का सफर: एक प्रेरणादायक कहानी
मोहिबुल्लाह अंसारी की कहानी उन सभी छात्रों के लिए एक मिसाल है जो पढ़ाई में कमजोर होने के बावजूद अपने जीवन में कड़ी मेहनत के दम पर कामयाबी का सपना देखते हैं। स्कूल के दिनों में मोहिबुल्लाह पढ़ाई में काफी पीछे थे। जब 10वीं और 12वीं के प्री-बोर्ड में उनका प्रदर्शन खराब रहा, तो उनके पिता ने उन्हें एक चुनौती दी। उन्होंने कहा, “सपना तो IIT जाने का देखते हो, लेकिन पहले पास होने लायक नंबर तो ले आओ।”
पिता के ये शब्द मोहिबुल्लाह के लिए किसी चुनौती से कम नहीं थे। उन्होंने इसे दिल पर लिया और अपनी पढ़ाई में दिन-रात एक कर दिया। कड़ी मेहनत और लगन से उन्होंने स्कूली शिक्षा पूरी की, जिसके बाद उन्होंने JEE मेन्स और JEE एडवांस्ड जैसी कठिन परीक्षाओं को सफलतापूर्वक पास किया। साल 2011 में उन्हें देश के प्रतिष्ठित IIT दिल्ली में दाखिला मिला, जहाँ से उन्होंने इंजीनियरिंग (बीटेक) की डिग्री हासिल की।
कॉर्पोरेट से सिविल सेवा की ओर: एक बड़ा फैसला
IIT से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद मोहिबुल्लाह ने एक प्रतिष्ठित IT कंपनी में नौकरी शुरू की। हालांकि, कुछ ही समय में उन्हें यह महसूस हुआ कि कॉर्पोरेट करियर उनके लिए सही रास्ता नहीं है। उन्हें समाज के लिए कुछ बड़ा करने और सीधे लोगों की सेवा करने की इच्छा थी।
अपने असली जुनून का पीछा करते हुए, उन्होंने अपनी अच्छी-खासी नौकरी छोड़ी और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी का फैसला किया। यह एक बड़ा और साहसिक कदम था। कड़ी मेहनत, समर्पण और लगातार प्रयासों के बाद, मोहिबुल्लाह अंसारी ने सिविल सेवा परीक्षा 2020 में अखिल भारतीय स्तर पर 389वीं रैंक हासिल की। यह सफलता उन्हें अपने तीसरे प्रयास में मिली, जो उनकी दृढ़ता और कभी न हार मानने वाले रवैये का प्रमाण है।
मोहिबुल्लाह अंसारी की कहानी से सीख
IPS मोहिबुल्लाह अंसारी का जीवन हम सभी को कई महत्वपूर्ण सबक सिखाता है, खासकर छात्रों और युवाओं को:
- कड़ी मेहनत और लगन: कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं, यदि आप पूरी ईमानदारी और लगन से प्रयास करें।
- प्रेरणा का स्रोत: कभी-कभी अपनों के चुनौतीपूर्ण शब्द या परिस्थितियाँ भी हमें आगे बढ़ने की सबसे बड़ी प्रेरणा देती हैं। उन्हें सकारात्मक रूप से लें।
- सपनों का पीछा करना: अपने असली जुनून को पहचानना और उसे पूरा करने के लिए बड़े फैसले लेने से न डरें।
- असफलताओं से न घबराना: असफलताएँ सिर्फ सफलता की सीढ़ियाँ हैं। उनसे सीखकर, अपनी कमियों को सुधारकर और दृढ़ता से आगे बढ़कर ही सफलता मिलती है।
IPS मोहिबुल्लाह अंसारी की यह कहानी न केवल छात्रों को, बल्कि हर उस व्यक्ति को प्रेरित करती है जो जीवन में अपने सपनों को पूरा करने की हिम्मत रखता है। उनका ‘द एशियन हीरो अवार्ड’ से सम्मानित होना यह साबित करता है कि ईमानदारी, कड़ी मेहनत और जनसेवा का कोई विकल्प नहीं है, और ये गुण हमें असाधारण सफलता दिला सकते हैं।