सीबीएसई को मिला नया नेतृत्व: मंदीप के भंडारी बने चेयरमैन और OSM विवाद का असर

सीबीएसई को मिला नया नेतृत्व: मंदीप के भंडारी बने चेयरमैन

हाल ही में, केंद्र सरकार ने वरिष्ठ IAS अधिकारी मंदीप के भंडारी को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है। यह नियुक्ति शिक्षा जगत में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि CBSE देश में लाखों छात्रों के भविष्य को दिशा देने वाली एक प्रमुख संस्था है। मंदीप के भंडारी 2001 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी हैं और इससे पहले जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के प्रधान सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

क्यों हुआ यह बदलाव? ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद की कहानी

पिछले चार महीनों में CBSE के चेयरपर्सन में तीन बार बदलाव देखा गया है, जो एक असामान्य स्थिति है। इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण ‘ऑन स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) विवाद रहा है। मई तक राहुल सिंह CBSE के चेयरमैन थे, लेकिन 2 जून को OSM विवाद के गहराने के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया। इसके बाद, IAS अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को CBSE चेयरपर्सन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था, और अब मंदीप के भंडारी ने यह जिम्मेदारी संभाली है।

क्या था ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद?

दरअसल, 13 मई को CBSE ने 12वीं का रिजल्ट जारी किया था। इस बार पहली बार कॉपियों की जांच कंप्यूटर स्क्रीन (OSM सर्विस) पर की गई थी। परिणाम आने के बाद, कई छात्रों ने अपने अंकों में गड़बड़ी की शिकायत की। यह विवाद इतना बढ़ा कि पूरे मामले की जांच शुरू करनी पड़ी, जिसमें OSM प्रणाली में कुछ खामियां उजागर हुईं।

छात्रों ने उठाया आवाज: वेदांत और सार्थक की कहानियां

इस विवाद में कुछ छात्रों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपनी आवाज उठाई:

  • वेदांत श्रीवास्तव की लड़ाई: दिल्ली के वेदांत श्रीवास्तव ने भी 12वीं की परीक्षा दी थी। उन्हें फिजिक्स में 65 नंबर मिले, जिस पर उन्हें संदेह हुआ। जब उन्होंने रीवैल्युएशन के लिए आवेदन किया और अपनी कॉपी देखी, तो उसमें गड़बड़ी पाई गई। शुरुआत में उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया और देशद्रोही तक कहा गया, लेकिन बाद में बोर्ड ने अपनी गलती मानी और वेदांत से माफी मांगी। यह घटना छात्रों की दृढ़ता और सही के लिए खड़े होने की शक्ति को दर्शाती है।
  • सार्थक सिद्धांत का खुलासा: रांची के 17 वर्षीय सार्थक सिद्धांत एक टेक रिसर्चर हैं। उन्होंने एक सामान्य छात्र से बढ़कर एक खोजी पत्रकार की तरह काम किया। उन्होंने CBSE द्वारा जारी पिछले 576 दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन और तुलना कर टेंडर में हुई गड़बड़ी का खुलासा किया। सार्थक का यह कार्य दिखाता है कि कैसे छात्र भी अपनी बुद्धिमत्ता और लगन से बड़ी संस्थाओं की जवाबदेही तय कर सकते हैं।

CBSE की अन्य महत्वपूर्ण अपडेट: सैंपल पेपर जारी

इन महत्वपूर्ण बदलावों के साथ ही, CBSE ने एकेडमिक सेशन 2026-27 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए कक्षा 10 और 12 के सैंपल क्वेश्चन पेपर (SQP) और उनकी मार्किंग स्कीम भी जारी कर दी है। यह छात्रों को आगामी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करेगा और उन्हें परीक्षा पैटर्न समझने में सहायता प्रदान करेगा।

मंदीप के भंडारी की नियुक्ति और हाल के घटनाक्रम CBSE के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देते हैं। उम्मीद है कि नए नेतृत्व में बोर्ड छात्रों के हितों को सर्वोपरि रखेगा और शिक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी व जवाबदेह बनाएगा।

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