RPSC SI री-एग्जाम 2026: 5वां विकल्प अनिवार्य और अन्य बड़े बदलाव | पूरी जानकारी

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित होने वाली सब इंस्पेक्टर/प्लाटून कमांडर (री-एग्जाम)-2021 के उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। 20 सितंबर 2026 को होने वाली इस परीक्षा में अब OMR शीट में ‘पांचवें विकल्प’ को भरना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही परीक्षा पैटर्न और प्रक्रिया में भी कई अहम बदलाव किए गए हैं, जिनकी जानकारी हर अभ्यर्थी को होना बेहद जरूरी है।

पांचवें विकल्प का नियम क्या है और क्यों हुआ लागू?

आरपीएससी ने एक शुद्धि पत्र जारी कर यह स्पष्ट किया है कि उपनिरीक्षक/प्लाटून कमांडर (री-एग्जाम)-2021 में उम्मीदवारों को OMR शीट में पांचवां विकल्प भरना अनिवार्य होगा। यह नियम अब आयोग द्वारा आयोजित सभी लिखित परीक्षाओं में लागू किया गया है। इसका मतलब यह है कि यदि आप किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहते हैं, तो आपको उस प्रश्न के सामने दिए गए पांचवें विकल्प वाले गोले को भरना होगा। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपका उत्तर अमान्य माना जाएगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई हो सकती है।

यह प्रावधान राज्य सरकार की 6 मई 2026 की अनुशंसा के बाद लागू किया गया है। चूंकि मूल विज्ञापन (3 फरवरी 2021) के समय यह नियम नहीं था, इसलिए तब इसका उल्लेख नहीं किया गया था। लेकिन अब यह आरपीएससी की सभी परीक्षाओं का एक मानक हिस्सा है।

री-एग्जाम की तारीख, अभ्यर्थियों की संख्या और महत्वपूर्ण बदलाव

  • पुनः परीक्षा की तारीख: यह परीक्षा पहले 13 से 15 सितंबर 2021 तक आयोजित की गई थी, लेकिन राज्य सरकार की अनुशंसा पर भर्ती प्रक्रिया को पूर्णतया निरस्त कर दिया गया है। अब इसे 20 सितंबर 2026 को फिर से आयोजित किया जा रहा है।
  • अभ्यर्थियों की संख्या में कमी: एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि इस री-एग्जाम में केवल 2 लाख 30 हजार अभ्यर्थी ही शामिल होंगे। जबकि पहले लगभग 7 लाख 97 हजार अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरा था।
  • कारण: अभ्यर्थियों की संख्या में यह कमी इसलिए आई क्योंकि आयोग ने पहले भरे गए आवेदन पत्रों में सुधार और अपडेट करने का अवसर दिया था, जिसमें अधिकांश अभ्यर्थियों ने रुचि नहीं दिखाई।

सिंगल-डे एग्जाम से क्या फायदे होंगे?

पहले यह परीक्षा तीन दिनों में आयोजित की गई थी, जिसके कारण नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया की आवश्यकता पड़ती थी। लेकिन अब यह परीक्षा एक ही दिन (20 सितंबर 2026) को होगी। इससे कई फायदे होंगे:

  • नॉर्मलाइजेशन की आवश्यकता नहीं: विभिन्न पालियों में होने वाली परीक्षाओं में अंकों के संतुलन के लिए नॉर्मलाइजेशन किया जाता है। एक ही दिन परीक्षा होने से इसकी आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
  • जल्द परिणाम: नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया में लगने वाले समय की बचत होगी, जिससे परिणाम अपेक्षाकृत जल्दी घोषित किए जा सकेंगे, जो अभ्यर्थियों के लिए एक अच्छी खबर है।

अधिक जानकारी के लिए

अभ्यर्थी इस संबंध में विस्तृत जानकारी और शुद्धि पत्र आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://rpsc.rajasthan.gov.in पर देख सकते हैं। विज्ञापन की अन्य सभी शर्तें पहले जैसी ही रहेंगी।

इन महत्वपूर्ण बदलावों को ध्यान में रखते हुए, सभी उम्मीदवारों को अपनी तैयारी को अंतिम रूप देना चाहिए और परीक्षा के नए नियमों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए। यह ब्लॉग पोस्ट आपको परीक्षा से जुड़े सभी आवश्यक अपडेट्स प्रदान करने के लिए लिखी गई है।

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