झारखंड JPSC परीक्षा विवाद: अध्यक्ष का इस्तीफा, 9 भर्तियां स्थगित और CID जांच जारी

झारखंड JPSC परीक्षा विवाद: अध्यक्ष का इस्तीफा, 9 भर्तियां स्थगित और CID जांच जारी

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) हाल ही में बड़े विवादों का केंद्र रहा है। इस खींचतान के बीच, आयोग के अध्यक्ष एल. खियांग्ते का इस्तीफा राज्यपाल द्वारा स्वीकार कर लिया गया है। वहीं, आयोग ने झारखंड संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा सहित कुल 9 महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया है। यह फैसला उन गंभीर आरोपों के बाद आया है, जो 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के परिणामों को लेकर लगाए गए थे।

JPSC विवाद की जड़: 14वीं प्रारंभिक परीक्षा के नतीजे

2 जुलाई को जारी 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के परिणामों ने कई उम्मीदवारों को चौंका दिया। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने नतीजों में अनियमितता के आरोप लगाए। उनकी प्रमुख चिंताएं थीं:

  • कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए गए, जिससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी महसूस हुई।
  • OMR शीट और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता नहीं दी गई।
  • उम्मीदवारों को उनके व्यक्तिगत अंक नहीं बताए गए।
  • यह भी आरोप लगे कि अधिक अंक प्राप्त करने वाले कुछ उम्मीदवारों का चयन नहीं हुआ, जबकि कम अंक वाले उम्मीदवारों को सफलता मिली।

ब्लैकलिस्टेड एजेंसी और अंदरूनी चिंताएं

JPSC पर एक गंभीर आरोप यह भी है कि आयोग ने कई परीक्षाओं के संचालन के लिए एक ऐसी एजेंसी को चुना, जिसे उत्तर प्रदेश में पहले ही ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था। इस मुद्दे ने परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए। आयोग के एक सदस्य ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इन चिंताओं को उजागर किया था, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई।

CID जांच का दायरा: गहन पड़ताल

विवाद बढ़ने के बाद, झारखंड सरकार ने पूरे मामले की जांच आपराधिक अन्वेषण विभाग (CID) को सौंप दी। CID ने तुरंत कार्रवाई करते हुए JPSC कार्यालय समेत कई स्थानों पर छापेमारी की और परीक्षा से जुड़े कई लोगों, जिनमें डिप्टी कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन भी शामिल थे, को गिरफ्तार किया। जांच में परीक्षा संचालन और डेटा प्रोसेसिंग में गंभीर गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं।

फिलहाल, CID मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर जांच कर रही है:

  • डिजिटल टैंपरिंग और ओएमआर में फेरबदल: क्या परीक्षा के बाद सर्वर या ओएमआर शीट में पिछली तारीखों में बदलाव किए गए?
  • मनी लॉन्ड्रिंग का कोण: उम्मीदवारों से कथित तौर पर वसूली गई मोटी रकम किन-किन खातों में भेजी गई?
  • अधिकारियों की भूमिका: JPSC ने किस आधार पर एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को परीक्षा संचालन की अनुमति दी? इसमें शामिल अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

परीक्षाओं का स्थगन और आयोग की अपील

इन गंभीर अनियमितताओं और चल रही जांच के मद्देनजर, JPSC ने झारखंड संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा-2025 सहित कुल 9 भर्ती परीक्षाओं को फिलहाल के लिए टाल दिया है। आयोग ने उम्मीदवारों से धैर्य रखने और केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाली सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है। परीक्षाओं की नई तारीखें जल्द ही घोषित की जाएंगी।

यह पूरा मामला झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता को बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। सरकार और आयोग दोनों पर निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से जांच पूरी करने तथा दोषियों को सजा दिलाने का दबाव है, ताकि उम्मीदवारों का विश्वास बहाल हो सके।

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