दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र सुरक्षा: DU कॉलेजों में बढ़ती चिंताएँ और चुनौतियाँ
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) अपनी अकादमिक उत्कृष्टता और जीवंत परिसर जीवन के लिए जाना जाता है। हालांकि, हाल के दिनों में यहां के प्रमुख कॉलेजों में छात्र सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई गंभीर मुद्दे सामने आए हैं। लेडी श्रीराम कॉलेज (LSR), हिंदू कॉलेज और मोतीलाल नेहरू कॉलेज में हुई घटनाओं ने न केवल छात्रों बल्कि शिक्षा समुदाय में भी चिंता बढ़ा दी है। यह लेख इन घटनाओं का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है और DU परिसरों में सुरक्षा तथा प्रशासन की चुनौतियों पर प्रकाश डालता है।
लेडी श्रीराम कॉलेज में सुरक्षा की चिंताएँ: एक दशक पुरानी समस्या
हालिया घटना और छात्राओं का विरोध: 22 सितंबर 2026 को लेडी श्रीराम कॉलेज के पिछले गेट से लगभग 50 मीटर दूर पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ने की कोशिश की। यह आरोपी कालकाजी के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की से कथित गैंगरेप मामले में वांछित था। पुलिस मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने गोली चलाई, जिसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। इस घटना ने LSR की छात्राओं में कॉलेज के बैक गेट और आसपास के इलाके की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा कर दीं। घटना के बाद कॉलेज ने 22 सितंबर की दोपहर से कक्षाएं स्थगित कर दीं, अगले दिन ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की गईं और 24 सितंबर से ऑफलाइन कक्षाएं फिर से शुरू हो गईं।
छात्राओं ने आरोप लगाया है कि बैक गेट के आसपास पर्याप्त पुलिस निगरानी नहीं है। इसके अलावा, स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी जैसी सुरक्षा व्यवस्था की कमी भी एक बड़ी समस्या है। छात्राओं का यह भी कहना है कि इस इलाके में अक्सर छेड़छाड़ की शिकायतें रही हैं। इसी को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया और कॉलेज प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। दिल्ली विश्वविद्यालय के अन्य कॉलेजों जैसे मिरांडा हाउस, गार्गी कॉलेज और कमला नेहरू कॉलेज की छात्राओं ने भी महिला सुरक्षा को लेकर ऐसे ही प्रदर्शन किए हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: LSR के आसपास छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा कोई नया नहीं है, बल्कि यह कम से कम एक दशक पुरानी समस्या है। सितंबर 2016 में भी कॉलेज की छात्राओं ने बैक गेट के आसपास पुरुषों द्वारा अश्लील हरकतों और पीछा करने की शिकायत की थी। छात्राओं का कहना था कि कॉलेज को मेट्रो स्टेशन से जोड़ने वाली कुछ गलियां अंधेरी और सुनसान रहती हैं। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने कॉलेज कैंपस के आसपास निगरानी बढ़ा दी थी। अप्रैल 2017 में भी LSR की एक छात्रा ने आरोप लगाया था कि एक व्यक्ति लगभग दो महीने से उसका पीछा कर रहा था, और उसने कॉलेज के सामने छात्रा को पकड़कर खींचा और उसके साथ छेड़छाड़ की। राहगीरों की सूचना पर पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया था।
हिंदू कॉलेज में प्रशासनिक विवाद और छात्र सुरक्षा
हिंदू कॉलेज में हाल ही में दो प्रमुख मुद्दे सामने आए हैं, जिनमें से एक प्रशासनिक और दूसरा छात्र सुरक्षा से जुड़ा है।
प्रिंसिपल को हटाने की मांग: हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन (HCSA) ने गुरुवार को हुई अपनी आपात बैठक में कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. अंजू श्रीवास्तव और वाइस प्रिंसिपल प्रो. रीना जैन को संगठन की सदस्यता से हटाने का प्रस्ताव पारित किया है। यह विवाद 2026-27 सत्र में स्पोर्ट्स और एक्स्ट्रा कुरिकुलर एक्टिविटीज (ECA) कोटे के एडमिशन को लेकर शुरू हुआ। HCSA ने आरोप लगाया है कि कुछ सिलेबस में स्पोर्ट्स/ECA की सीटों का अलॉटमेंट दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा तय किए गए नियमों के मुताबिक नहीं हुआ। एसोसिएशन के अनुसार, 48 स्पोर्ट्स/ECA सीटों में से 17 सीटें बीकॉम (ऑनर्स) और 15 पॉलिटिकल साइंस विभाग में चली गईं। विश्वविद्यालय ने इसे एडमिशन एल्गोरिथम में हुई गड़बड़ी बताया और यह भी कहा कि उम्मीदवारों का चयन उनके स्पोर्ट्स/ECA स्कोर के आधार पर हुआ था। स्टाफ एसोसिएशन ने 18 अगस्त को प्रिंसिपल अंजू श्रीवास्तव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया और 14 सितंबर से धरना शुरू किया। यह विवाद अब एडमिशन से आगे बढ़कर कॉलेज प्रशासन के कामकाज और अन्य मुद्दों तक पहुंच गया है। इसके बाद कॉलेज के तीन प्रोफेसरों डॉ. रतन लाल, डॉ. शंकर कुमार और डॉ. पी.के. विजयन को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच टकराव जारी है।
छात्रों से छेड़छाड़ की घटना: हिंदू कॉलेज से संबंधित दूसरा गंभीर मुद्दा छात्राओं की छेड़छाड़ से जुड़ा था। 5 सितंबर को हिंदू कॉलेज की दो छात्राओं ने आरोप लगाया कि मुखर्जी नगर में कुछ लड़कों ने उनका पीछा किया और उन्हें कार में खींचने की कोशिश की। पुलिस ने FIR दर्ज की और बाद में दो DU छात्रों को गिरफ्तार किया गया।
मोतीलाल नेहरू कॉलेज में DUSU चुनाव के दौरान हंगामा
16 सितंबर 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव प्रचार के अंतिम दिन मोतीलाल नेहरू कॉलेज में छात्रों के बीच विवाद हुआ। चुनाव प्रचार कर रहे एक छात्र को रोकने के दौरान एक शिक्षक के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई, जिसमें शिक्षक को चोट लगने की बात भी सामने आई। इस घटना के बाद कॉलेज के प्रोफेसरों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया और चुनाव ड्यूटी न करने की चेतावनी दी। विवाद में शिक्षकों से कथित बदसलूकी, कॉलेज परिसर में घुसने, हंगामा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।
आगे की राह: सुरक्षित और पारदर्शी परिसर की आवश्यकता
दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों में सामने आईं ये घटनाएँ छात्र सुरक्षा, प्रशासनिक पारदर्शिता और परिसर प्रबंधन की गंभीर चुनौतियों को उजागर करती हैं। एक सुरक्षित और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए कॉलेज प्रशासन, दिल्ली पुलिस और छात्रों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, नियमित पुलिस गश्त और शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए एक मजबूत तंत्र जैसे सुरक्षा उपायों को तत्काल लागू किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना और छात्रों तथा शिक्षकों की शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, ताकि DU के कॉलेज छात्रों के लिए सुरक्षित और सीखने के अनुकूल वातावरण प्रदान कर सकें।