निसर्ग अधिकारी: भारतीय युवा की साइबर सुरक्षा में बड़ी उपलब्धि और US DoJ हॉल ऑफ फेम का सम्मान

निसर्ग अधिकारी: भारतीय युवा की साइबर सुरक्षा में बड़ी उपलब्धि और US DoJ हॉल ऑफ फेम का सम्मान

निसर्ग अधिकारी, एक युवा भारतीय साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ हैं जिन्होंने अपनी असाधारण प्रतिभा से दुनियाभर में भारत का नाम रोशन किया है। हाल ही में, उन्होंने अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (US DoJ) की वेबसाइट में महत्वपूर्ण सुरक्षा खामियों का पता लगाकर न केवल उन्हें ठीक करने में मदद की, बल्कि ‘US DoJ हॉल ऑफ फेम’ में भी अपनी जगह बनाई है। यह उपलब्धि उनके समर्पण और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उनकी गहरी समझ का प्रमाण है।

अमेरिकी न्याय विभाग की वेबसाइट में सुरक्षा खामियां उजागर कर जीता सम्मान

निसर्ग ने US DoJ की वेबसाइट का गहन विश्लेषण किया और कुछ ऐसी तकनीकी कमियों की पहचान की, जिनसे वेबसाइट की सुरक्षा को खतरा हो सकता था। जिम्मेदारी से इन खामियों की जानकारी संबंधित विभाग को देने के बाद, US DoJ ने त्वरित कार्रवाई की और उन्हें सुधार लिया। निसर्ग के इस महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता देते हुए, उन्हें US DoJ के ‘हॉल ऑफ फेम’ में शामिल किया गया है। यह हॉल ऑफ फेम उन शोधकर्ताओं को सम्मानित करता है जो अपनी नैतिक हैकिंग (Ethical Hacking) क्षमताओं का उपयोग कर विभागों को सुरक्षित बनाने में मदद करते हैं।

CBSE पोर्टल की सुरक्षा में भी निभाई थी अहम भूमिका

यह पहली बार नहीं है जब निसर्ग ने अपनी साइबर सुरक्षा विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया है। इससे पहले, उन्होंने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल में भी सुरक्षा संबंधी खामियों का पता लगाया था। उन्होंने एक ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से इन कमजोरियों को सार्वजनिक किया, जिसके बाद आवश्यक सुधार किए गए। उनकी इस उपलब्धि ने उन्हें काफी प्रसिद्धि दिलाई और उनके कौशल को उजागर किया।

आईआईटी कानपुर में थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर का पदभार

निसर्ग की असाधारण साइबर सुरक्षा कौशल के कारण, उन्हें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के C3iHub में ‘थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर’ के रूप में काम करने का अवसर मिला। इस भूमिका में, निसर्ग सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों (Open Source Intelligence) से जानकारी का विश्लेषण करते हैं और वेबसाइटों व एप्लिकेशन्स में संभावित सुरक्षा कमजोरियों की पहचान करते हैं, जिससे उन्हें समय रहते सुधारा जा सके। यह एक महत्वपूर्ण कार्य है जो डिजिटल दुनिया को सुरक्षित रखने में मदद करता है।

बचपन से साइबर सुरक्षा का जुनून: एक प्रेरणादायक सफर

निसर्ग की कंप्यूटर में रुचि बचपन से ही थी। लगभग 13 साल की उम्र में, उन्होंने सिर्फ मजे के लिए साइबर सुरक्षा के बारे में सीखना शुरू किया। धीरे-धीरे यह शौक एक गंभीर अनुसंधान और प्रोग्रामिंग के जुनून में बदल गया। उन्होंने 12वीं कक्षा पास करने से पहले ही कई स्टार्टअप्स के साथ काम किया और विभिन्न ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स में भाग लेकर अपनी पहचान बनाई। इसके अलावा, उन्हें वेंचर कैपिटल द्वारा वित्तपोषित बड़े स्टार्टअप्स के साथ भी काम करने का अनुभव है। उनका यह सफर हमें सिखाता है कि जुनून और कड़ी मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। निसर्ग की कहानी उन सभी युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। उनका समर्पण, जिम्मेदारी और सीखने की लगन उन्हें एक सच्चे रोल मॉडल बनाती है।

Scroll to Top